AEPS लिमिट तीन स्तर पर लगती है। Payonclick ऐप में एक ट्रांज़ैक्शन में ₹100 से ₹10,000 तक नकद निकाला जा सकता है, ₹50 के गुणक में। NPCI ने बैंकों को सिफ़ारिश की है कि एक ग्राहक की AEPS नकद निकासी और BHIM Aadhaar Pay मिलाकर लगातार 30 दिन में ₹50,000 से ज़्यादा न हो। और ग्राहक का बैंक इनसे अलग अपनी सीमा भी लगा सकता है। साथ ही, ऐप में ₹5,000 से ज़्यादा की निकासी पर ग्राहक के आधार से जुड़े मोबाइल पर OTP भी ज़रूरी है।
नीचे हर सीमा का मतलब, निकासी मना होने की वजहें और दुकान पर क्या करें, यह सब एक-एक करके समझाया गया है।
प्रति ट्रांज़ैक्शन AEPS लिमिट (Payonclick ऐप में)
| सेवा | Payonclick ऐप में सीमा | ध्यान रखें |
|---|---|---|
| नकद निकासी | ₹100 से ₹10,000 प्रति ट्रांज़ैक्शन | रकम ₹50 के गुणक में हो |
| बैलेंस पूछताछ | कोई रकम नहीं | पैसा नहीं निकलता |
| मिनी स्टेटमेंट | कोई रकम नहीं | पैसा नहीं निकलता |
₹50 के गुणक का मतलब है कि रकम के आख़िरी दो अंक 00 या 50 होने चाहिए। इसके अलावा कोई भी रकम डालने पर निकासी नहीं होगी।
यह ऐप की सीमा है, बैंक की नहीं। ग्राहक का बैंक इससे कम रकम पर भी निकासी रोक सकता है, इसलिए कभी-कभी ₹10,000 के अंदर की निकासी भी मना हो जाती है। इसके बारे में आगे "बैंक अपनी लिमिट भी लगा सकते हैं" वाले हिस्से में बताया गया है।
एक सावधानी भी रखें: किसी बड़ी रकम को छोटे-छोटे हिस्सों में जल्दी-जल्दी निकालने की आदत ठीक नहीं। RBI के 2026 से लागू निर्देशों में बैंकों को ऑपरेटर के लेन-देन की मात्रा और रफ़्तार पर नज़र रखनी होती है, इसलिए ऐसा पैटर्न बैंक की निगरानी में आ सकता है।
30 दिन में ₹50,000: NPCI की सिफ़ारिश (सर्कुलर 087)
NPCI ने 2 नवंबर 2023 को सर्कुलर NPCI/2023-24/AePS/087 जारी किया। इसमें ग्राहक का खाता रखने वाले बैंकों (इश्यूअर बैंक) से कहा गया कि:
- एक ग्राहक की AEPS नकद निकासी और BHIM Aadhaar Pay को मिलाकर कुल सीमा ₹50,000 रखी जाए
- NPCI की सिफ़ारिश के मुताबिक यह सीमा लगातार 30 दिन (रोलिंग आधार) पर गिनी जाए
- इस सीमा की वजह से मना होने वाले ट्रांज़ैक्शन पर बैंक जवाब कोड 61 भेजे, जिसका मतलब है कि निकासी की रकम सीमा से ज़्यादा है
- बैंक इसे 30 नवंबर 2023 तक लागू करें
लगातार 30 दिन का मतलब। NPCI की सिफ़ारिश में गिनती हर महीने की 1 तारीख़ से नए सिरे से शुरू नहीं होती। हर नई निकासी के समय पिछले 30 दिनों की निकासी जोड़ी जाती है। कोई पुरानी निकासी 30 दिन पूरे होने पर ही इस गिनती से बाहर होती है।
यह सीमा ग्राहक पर लगती है, दुकान पर नहीं। इसे ग्राहक का बैंक लागू करता है। इसलिए अगर ग्राहक ने इन 30 दिनों में किसी दूसरी दुकान से AEPS निकासी की है, तो वह भी इसी गिनती में आती है। हो सकता है आपकी दुकान पर उसकी पहली निकासी भी मना हो जाए।
एरर कोड 61 आए तो क्या करें:
- उसी रकम से बार-बार कोशिश न करें। सीमा पार होने पर दोबारा कोशिश से नतीजा नहीं बदलता।
- ग्राहक को साफ़ बताएँ कि रोक उसके बैंक की तरफ़ से लगी है।
- अपनी बची हुई सीमा की सही जानकारी ग्राहक अपने बैंक से ले।
₹50,000 की सीमा NPCI की बैंकों को दी गई सिफ़ारिश है। किसी ग्राहक पर असल में कौन-सी सीमा लागू है, यह उसका बैंक तय और लागू करता है।
बैंक अपनी लिमिट भी लगा सकते हैं
ऐप की सीमा और NPCI की सिफ़ारिश के अलावा, हर बैंक अपने ग्राहकों के लिए अपनी AEPS सीमा रख सकता है। अलग-अलग बैंकों में यह अलग हो सकती है। दुकान पर इसका असर ऐसे दिखता है:
- ₹10,000 से कम की निकासी भी किसी बैंक के ग्राहक के लिए मना हो सकती है।
- रोज़ की या महीने की सीमा एक बैंक में कुछ और, दूसरे में कुछ और हो सकती है।
- ग्राहक के खाते में पूरा बैलेंस न हो, तब भी निकासी नहीं होगी।
दुकानदार के तौर पर आप किसी बैंक की सीमा नहीं बदल सकते। सबसे अच्छा यही है कि बड़ी निकासी से पहले ग्राहक का बैलेंस देख लें, और निकासी मना हो तो ग्राहक को अपने बैंक से बात करने को कहें।
दुकान चलाने वाले पर भी बैंक की नज़र। RBI के 27 जून 2025 के निर्देश (RBI/2025-26/63), जो 1 जनवरी 2026 से लागू हैं, बैंकों से कहते हैं कि वे हर AEPS ऑपरेटर का KYC करें, और लोकेशन, लेन-देन की मात्रा और रफ़्तार जैसे जोखिम के आधार पर उन पर नज़र रखें। यानी ग्राहक की सीमा के साथ-साथ आपके काम करने के तरीके पर भी बैंक की निगरानी रहती है। अपनी दुकान के लिए AEPS शुरू करने की पूरी प्रक्रिया हमने AEPS ID कैसे लें वाले लेख में लिखी है।
₹5,000 से ऊपर OTP
Payonclick ऐप में ₹5,000 से ज़्यादा की AEPS नकद निकासी पर ग्राहक के फ़िंगरप्रिंट या आइरिस के साथ एक OTP भी ज़रूरी है। यह OTP ग्राहक के आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आता है।
- ठीक ₹5,000 या उससे कम की निकासी पर OTP नहीं माँगा जाता।
- OTP न आए तो 30 सेकंड बाद दोबारा भेजा जा सकता है।
- ग्राहक के AEPS ट्रांज़ैक्शन के लिए ऐप चेहरे (फ़ेस) से पहचान स्वीकार नहीं करता। फ़िंगरप्रिंट या आइरिस ही चलता है।
NPCI के AePS सर्कुलर पेज पर वित्त वर्ष 2026-27 का सर्कुलर OC 096 सूचीबद्ध है, जो AEPS नकद निकासी और BHIM Aadhaar Pay में स्टेप-अप ऑथेंटिकेशन, यानी बायोमेट्रिक के साथ एक और जाँच, से जुड़ा है। उसकी सटीक शर्तों के लिए मूल सर्कुलर ही देखें। ऊपर लिखी ₹5,000 वाली सीमा Payonclick ऐप का नियम है।
ग्राहक को पहले से बता दें कि ₹5,000 से ज़्यादा निकालनी हो तो वह अपना आधार से जुड़ा मोबाइल साथ लाए। OTP ग्राहक ख़ुद पढ़कर बताए। उसका फ़ोन अपने हाथ में न लें।
बैलेंस पूछताछ और मिनी स्टेटमेंट
इन दोनों सेवाओं में पैसा नहीं निकलता, इसलिए इन पर ₹50,000 वाली NPCI सिफ़ारिश और ₹5,000 से ऊपर वाला OTP नियम लागू नहीं होता। ग्राहक को सिर्फ़ आधार नंबर और फ़िंगरप्रिंट या आइरिस से पहचान देनी होती है।
- बैलेंस पूछताछ में ग्राहक के बैंक खाते का बैलेंस दिखता है। यह आपके AEPS वॉलेट का बैलेंस नहीं है।
- मिनी स्टेटमेंट में ग्राहक के बैंक खाते के हाल के लेन-देन दिखते हैं।
काम की आदत: बड़ी निकासी से पहले बैलेंस पूछताछ कर लें। इससे कम बैलेंस की वजह से निकासी फ़ेल होने की नौबत कम आती है, और ग्राहक को भी पहले से पता रहता है कि खाते में कितना है।
Micro ATM और UPI नकद निकासी की लिमिट से तुलना
दुकान पर नकद निकासी के तीन तरीके हैं। Payonclick ऐप में इनकी प्रति ट्रांज़ैक्शन सीमा ऐसी है:
| सेवा | ग्राहक क्या इस्तेमाल करता है | ऐप में प्रति ट्रांज़ैक्शन सीमा |
|---|---|---|
| AEPS | आधार नंबर और फ़िंगरप्रिंट या आइरिस | ₹100 से ₹10,000, ₹50 के गुणक में |
| Micro ATM | अपना डेबिट कार्ड और कार्ड का पिन | ₹100 से ₹10,000, ₹100 के गुणक में |
| UPI नकद निकासी | कोई भी UPI ऐप, डायनेमिक QR और UPI पिन | ₹100 से ₹5,000, ₹100 के गुणक में |
- Micro ATM पर कार्ड जारी करने वाला बैंक अपनी सीमा लगाता है।
- UPI नकद निकासी रात 11:30 से सुबह 5:00 बजे तक उपलब्ध नहीं रहती, और इसमें ग्राहक का मोबाइल नंबर ज़रूरी है।
- तीनों सेवाओं के आधिकारिक नियम और उनके स्रोत एक जगह हमारे नियम और सीमाएँ पेज पर हैं।
अगर आप अपनी दुकान पर यह सेवा शुरू करना चाहते हैं, तो Payonclick की AEPS रिटेलर ID सेवा का पेज देखें।